करनैलगंज गोण्डा। साहित्यिक संस्था बज्मे शामे गजल की तरही शेरी नशिस्त मोहल्ला कसगरान में हाजी शब्बीर अहमद शबनम की अध्यक्षता और याकूब सिद्दीकी अज्म के संचालन में संपन्न हुई।
सगीर अहमद सिद्दीकी की तरही नात से गोष्ठी प्रारम्भ हुई। शायरों ने मरहूम राज इलाहाबादी के मिसरा तरह "उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में" पर अपने कलाम पेश किये। इस मौके पर हाजी शब्बीर अहमद शबनम, मुजीब सिद्दीकी, डॉ असलम बकाई, अनीस खां आरिफी, मो. मुबीन मंसूरी, वीरेन्द्र विक्रम तिवारी बेतुक, कौसर सलमानी, अवधराज वर्मा, समीउल्लाह, याकूब सिद्दीकी अज्म, ताज मोहम्मद कुरबान आदि ने अपने कलाम सुनाये।
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