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शुक्रवार, 1 अप्रैल 2022

ग्राम समाज की पट्टे की भूमि का अवैधानिक बैनामा कराकर दबंगों द्वारा किया गया अवैध निर्माण।


(ग्राम पहाड़ापुर स्थित सड़क के किनारे की ग्राम समाज की पट्टा शुदा भूमि पर दबंग लेखपाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण एवं कब्जे का है प्रकरण)
                                                                                    करनैलगंज गोण्डा। तहसील क्षेत्र के कस्बा व ग्राम पंचायतों की सरकारी भूमि पर भूमाफिया किस्म के लोगों की नजरें गड़ गई हैं जिनके द्वारा राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से बेखौफ होकर बड़े पैमाने पर आये दिन नजूल, जलमग्न, बांध व ग्राम समाज के पट्टे की सरकारी भूमि को अवैधानिक तरीके से खरीद फरोख्त कर सरकारी भूमि पर निर्माण कर अवैध कब्जे करने का सिलसिला जारी है। वहीं मामले की शिकायत होने पर सरकारी सिस्टम की निरंकुश कार्यप्रणाली के चलते जिम्मेदार राजस्व अधिकारी, कर्मचारी उनकी मदद करके मामले को नजरंदाज कर अवैध कब्जों को संरक्षण दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पहाड़ापुर में सामने आया है जहां एक लेखपाल द्वारा सड़क के किनारे की ग्राम समाज की पट्टा शुदा भूमि पर दबंग लेखपाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण एवं कब्जे का मामला काफी चर्चा में है। विदित हो कि पूरा मामला ग्राम पहाड़ापुर स्थित ग्राम समाज की सरकारी भूमि के पट्टे विवाद और दबंगों द्वारा पीड़ित की भूमि हथियाने की कोशिश कर पट्टे की भूमि का अवैधानिक बैनामा कराने के बाद किये गए अवैध निर्माण से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक वर्षों पूर्व प्रश्नगत ग्राम समाज की भूमि गाटा संख्या 968 का सुंदरलाल पुत्र सियाराम व अमरनाथ पुत्र गोली के नाम आवासीय पट्टा हुआ था। उपरोक्त भूमि को इसी गांव के निवासी व तहसील कर्नलगंज में कार्यरत लेखपाल जीतेंद्र कुमार शुक्ला पुत्र ज्वाला प्रसाद शुक्ला ने दिनांक 29-12-2008 को अवैधानिक तरीके से बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अपनी माता शारदा देवी पत्नी ज्वाला प्रसाद के नाम बैनामा कराकर मकान एवं दुकान का निर्माण करा लिया है। वहीं लोगों का यह भी कहना है कि जिस समय यह पट्टा हुआ था उस समय जितेंद्र कुमार शुक्ला की पत्नी आशा देवी ग्राम प्रधान थीं। विदित हो कि ग्राम सभा के कुछ ग्रामीणों ने उक्त ग्रामसमाज की सरकारी भूमि को बचाने के लिये माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली। जिस पर न्यायालय द्वारा संबंधित अधिकारियों को पारित किये गए आदेश के बावजूद अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा उपरोक्त प्रकरण की मौके की स्थलीय जांच और अवैध निर्माण हटवाने के संबंध में समयबद्ध त्वरित कार्रवाई ना किये जाने से दबंगों का ग्राम समाज की पट्टे की भूमि पर अवैध निर्माण बरकरार है। बताते चलें उक्त प्रकरण में उपजिलाधिकारी हीरालाल द्वारा बीते 24 मार्च को ग्राम पहाड़ापुर निवासी अकबाल अहमद व संतोष कुमार के शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच कर तीन दिवस में आख्या देने का तहसीलदार को निर्देश दिया गया था जिसमें एक सप्ताह बीतने के बाद भी जांच आख्या ना उपलब्ध कराने पर उपजिलाधिकारी द्वारा पुनः 30 मार्च को पत्र के माध्यम से प्रकरण की तत्काल जांच कर लौटती डाक से आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिसमें तहसीलदार पुष्कर मिश्रा ने भी यह जानकारी देते हुए कहा था कि प्रकरण संज्ञान में है और गुरुवार को प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत की जायेगी। परन्तु समाचार लिखे जाने तक जांच आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जिससे जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों,कर्मचारियों द्वारा जानबूझकर मामले को नजरंदाज कर अवैध कब्जों को संरक्षण दिया जाना प्रतीत हो रहा है।

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